बैंकॉक, थाईलैंड में एक ब्रिटिश-नाइजीरियाई इन्फ्लुएंसर की पेनिस वृद्धि के लिए फिलर प्रक्रिया के बाद मृत्यु हो गई। यूबिरिबो को एक क्लिनिक में 40 मिलीलीटर हाइलूरोनिक एसिड का इंजेक्शन दिया गया था। वेस्ट लंदन की कोरोनर कोर्ट में प्रस्तुत सबूतों के अनुसार, इंजेक्शन में इस्तेमाल किए गए पदार्थों ने घातक पल्मोनरी एम्बोलिज्म में योगदान दिया। यह मामला सौंदर्य चिकित्सा प्रक्रियाओं के जोखिम और उनकी सुरक्षा के लिए नियमों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। जांच में यह भी पता चला कि यूबिरिबो ने प्रक्रिया से पहले पर्याप्त जानकारी प्राप्त नहीं की थी। यह घटना थाईलैंड में चिकित्सा पर्यटन से जुड़े खतरों के बारे में चिंताएं बढ़ाती है, और गैर-चिकित्सा पेशेवरों द्वारा की जाने वाली सौंदर्य प्रक्रियाओं पर सवाल उठाती है। यह दुखद घटना एक चेतावनी के रूप में काम करती है।

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