ब्रिस्बेन की लेखिका सोफी बीयर ने सिटीचैट्स को बताया कि वे क़ानून की पढ़ाई कर रही थीं, लेकिन फिर लेखन की ओर मुड़ गईं। उन्होंने अपनी पुस्तक की प्रेरणा के बारे में बताते हुए कहा कि यह उनके व्यक्तिगत दुःख से उपजी है। सोफी बच्चों के लिए ऐसी पुस्तकें लिखना चाहती थीं जो उन्हें कठिन भावनाओं को समझने में मदद करें। उनकी पुस्तक एक मस्तिष्क ट्यूमर से जूझ रही एक बच्ची की कहानी पर आधारित है, जो अपनी भावनाओं से निपटने के तरीके खोजती है। यह कहानी बच्चों को सहानुभूति और समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। सोफी का उद्देश्य बच्चों को यह बताना है कि दुःख एक सामान्य मानवीय अनुभव है, और इससे अकेले नहीं निपटना है। उन्होंने लेखन को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और दूसरों की मदद करने का एक शक्तिशाली माध्यम माना है।