ब्रिटेन के यूरोपीय संघ छोड़ने के दस साल बाद, ब्रेक्सिट समर्थक अपने फैसले पर अडिग हैं। उनका मानना है कि यूरोपीय संघ से बाहर निकलना सही कदम था, भले ही ब्रिटेन ने इसके बाद मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ न उठाया हो। ये समर्थक स्वीकार करते हैं कि ब्रेक्सिट के बाद कुछ स्वतंत्रताएं खो गई हैं, लेकिन वे अभी भी इस फैसले को सही ठहराते हैं। उनका तर्क है कि संप्रभुता और नियंत्रण हासिल करना अधिक महत्वपूर्ण था। इस फैसले के समर्थकों का कहना है कि यूरोपीय संघ की सदस्यता ब्रिटेन के लिए फायदेमंद नहीं थी और इससे देश की प्रगति बाधित हो रही थी। ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन को अपनी नीतियों और कानूनों को स्वतंत्र रूप से निर्धारित करने का अधिकार मिला है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेक्सिट के कारण ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में बाधा आई है।
