फ्रांस के पूर्व राजनयिक और किंग्‌स कॉलेज लंदन के एक शिक्षक ने ब्रेक्सिट के प्रभावों पर एक विश्लेषण प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि ब्रेक्सिट के विरोधियों द्वारा की गई नकारात्मक भविष्यवाणियां गलत साबित हुई हैं। वर्तमान में, यूनाइटेड किंगडम की अर्थव्यवस्था यूरो क्षेत्र की तुलना में तेज़ी से बढ़ रही है। यूके में बेरोजगारी दर फ्रांस की तुलना में आधी है। विश्लेषकों का तर्क है कि ब्रेक्सिट के बाद की स्थिति उतनी भयावह नहीं रही जितनी आशंका थी। यह निष्कर्ष ब्रेक्सिट के दीर्घकालिक प्रभावों पर जारी बहस में एक नया दृष्टिकोण जोड़ता है। यह डेटा यूके की आर्थिक लचीलापन और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।