ब्रिटेन ने 23 जून 2016 को यूरोपीय संघ (ईयू) छोड़ने के लिए एक जनमत संग्रह किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इसे एक महत्वपूर्ण घटना बताया था। लगभग तीन वर्षों की बातचीत और दो प्रधानमंत्रियों के बदलाव के बाद, ब्रिटेन ने औपचारिक रूप से 47 वर्षों के बाद जनवरी 2020 में ईयू छोड़ दिया। वर्तमान में, जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, अधिकांश ब्रिटिश नागरिक ब्रेक्सिट को एक गलती मानते हैं। अब वापसी की मांग जोर पकड़ रही है, जिससे ब्रेक्सिट के दीर्घकालिक प्रभावों पर सवाल उठ रहे हैं। यह फैसला ब्रिटेन और यूरोपीय संघ दोनों के लिए जटिल परिणाम लेकर आया है। दस साल बाद, ब्रेक्सिट के समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस जारी है।