ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन को आर्थिक रूप से वह लाभ नहीं मिल पाया था जिसकी उम्मीद की जा रही थी। हालांकि यूरोपीय संघ में फिर से शामिल होने की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन ब्रिटेन की पुरानी विशेष स्थिति अब समाप्त हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व की तरह विशेष छूट प्राप्त करना अब संभव नहीं है। ब्रेक्सिट के समर्थकों ने आर्थिक स्वतंत्रता और संप्रभुता का वादा किया था, लेकिन वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि ये वादे पूरे नहीं हुए। यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद ब्रिटेन को व्यापार और निवेश में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अब, यूरोपीय संघ में वापसी की संभावना पर विचार करते समय, ब्रिटेन को नई शर्तों पर बातचीत करनी होगी, जो पहले की तुलना में अधिक कठिन हो सकती हैं। यह स्थिति ब्रिटेन के लिए एक जटिल दुविधा प्रस्तुत करती है।
