स्तन कैंसर विशेषज्ञ ने उन पाँच संकेतों के बारे में बताया जिन्हें स्तनों में अनदेखा नहीं करना चाहिए और उन्हें बिगड़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि स्व-परीक्षा मैमोग्राफी की जाँच को प्रतिस्थापित नहीं कर सकती है। यह बीमारी केवल वृद्ध महिलाओं को ही नहीं प्रभावित करती, युवा महिलाओं को भी इसका खतरा होता है। शुरुआती पहचान महत्वपूर्ण है, इसलिए शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। मैमोग्राफी, स्व-परीक्षा के अलावा, एक महत्वपूर्ण जाँच है जो कैंसर का पता लगाने में मदद करती है। विशेषज्ञ का कहना है कि किसी भी असामान्य बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। नियमित जाँच से स्तन कैंसर का सफल उपचार संभव है।

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