ब्राज़ील की फ़ुटबॉल टीम की प्रतिष्ठित पीली जर्सी का इतिहास एक दुखद घटना से जुड़ा है। शुरुआती दौर में, ब्राज़ील की टीम सफ़ेद रंग की जर्सी पहनती थी। 1950 के फ़ीफ़ा विश्व कप के फ़ाइनल में ब्राज़ील की हार के बाद, सफ़ेद रंग को दुर्भाग्यपूर्ण माना जाने लगा। इस हार के बाद, ब्राज़ीलियन फ़ुटबॉल संघ ने एक प्रतियोगिता आयोजित की, जिसमें देश के नागरिकों से नई जर्सी के रंग के सुझाव मांगे गए। प्रतियोगिता जीतने वाले रंग थे पीले, नीले और हरे – जो ब्राज़ील के ध्वज के रंग हैं। तब से, पीली जर्सी ब्राज़ील की फ़ुटबॉल टीम की पहचान बन गई है और इसे दुनिया भर में जाना जाता है। यह बदलाव न केवल रंग का था, बल्कि एक नए युग की शुरुआत भी थी।
