स्वीडन में एक ग्यारह वर्षीय बालक की दुखद मौत रेबीज के कारण हुई, जिसकी शुरुआत एक चमगादड़ के हमले से हुई थी। बालक सोते समय चमगादड़ के हमले का शिकार हुआ, जिसने उसके मुंह और नाक पर हमला किया। कुछ हफ़्तों बाद, बालक में रेबीज के लक्षण दिखने लगे और दुर्भाग्यवश, वह बच नहीं पाया। यह घटना रेबीज के खतरों और वन्यजीवों के संपर्क में आने से होने वाले जोखिमों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को वन्यजीवों, खासकर चमगादड़ों से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी सुझाया है कि यदि किसी को भी जानवर द्वारा काटा या खरोंचा जाता है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। यह मामला रेबीज के प्रति जागरूकता और त्वरित चिकित्सा हस्तक्षेप के महत्व पर ज़ोर देता है।