वियतनाम में, एक दस वर्षीय बालक कई बार बेहोशी आने के बाद एक घंटे से अधिक समय तक हृदयहीन रहा। चिकित्सकों ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) और एक्सट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO) के संयोजन से बच्चे को पुनर्जीवित किया। बालक के बेहोशी आने का कारण अभी अज्ञात है, जिसकी जांच जारी है। यह मामला चिकित्सा जगत में एक दुर्लभ सफलता के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इतने लंबे समय तक हृदयहीन रहने के बाद किसी को जीवित बचाना अत्यंत कठिन होता है। बालक की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और उसे निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि ECMO तकनीक ने इस चमत्कारिक बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आगे की जांच से बेहोशी के मूल कारण का पता चलने की उम्मीद है।