वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने बोस्निया को ‘ग्रे लिस्ट’ में वापस डाल दिया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का विश्वास कम होगा और वे बोस्निया में निवेश करने से हिचकिचाएंगे। ‘ग्रे लिस्ट’ में शामिल होने से बोस्निया के यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है। FATF का यह निर्णय बोस्निया के वित्तीय प्रणाली में कमज़ोरियों और धन शोधन (money laundering) तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ पर्याप्त उपायों के अभाव को दर्शाता है। सरकार अब इन कमज़ोरियों को दूर करने और FATF की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कदम उठाने के लिए दबाव में है। इस स्थिति से बोस्निया की वित्तीय स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि बोस्निया को अपनी वित्तीय नीतियों में सुधार करने और पारदर्शिता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।