पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने दावा किया है कि ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई वार्ताओं में चालाकी से काम लिया। बोल्टन के अनुसार, ईरान ने ट्रंप प्रशासन को उलझाकर अपने पक्ष में एक अनुकूल समझौता हासिल किया। उन्होंने ब्रुसेल्स में यह बयान दिया कि ईरान ने जानबूझकर बातचीत को लंबा खींचा और ट्रंप की इच्छाओं का फायदा उठाया। बोल्टन ने इस समझौते को ट्रंप प्रशासन के लिए एक रणनीतिक चूक बताया। उनका कहना है कि ईरान का उद्देश्य केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारना और प्रतिबंधों से राहत पाना था, जिसमें वे सफल रहे। इस खुलासे से अमेरिका-ईरान संबंधों और पूर्व ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर नए सवाल उठ सकते हैं। बोल्टन की यह टिप्पणी ईरान परमाणु समझौते को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के बीच आई है।
