पूर्व अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने यूरोन्यूज को दिए साक्षात्कार में दावा किया है कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक समझौते के लिए प्रेरित करने हेतु कुशलतापूर्वक इस्तेमाल किया। बोल्टन के अनुसार, ईरान ने ट्रंप की समझौते को लेकर बढ़ती हताशा को भांप लिया और उसका फायदा उठाया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अनुकूल शर्तें मिलीं। उन्होंने इस समझौते को ईरान के लिए फायदेमंद बताया और कहा कि ट्रंप ने रणनीतिक हितों से ज़्यादा आर्थिक चिंताओं को प्राथमिकता दी। बोल्टन ने ट्रंप प्रशासन के दौरान सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण मामलों पर सलाह दी थी। उनका कहना है कि ईरान के साथ हुआ समझौता अमेरिका के लिए एक 'बुरा सौदा' था। इस बयान से ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर सवाल उठ सकते हैं। बोल्टन के आरोपों से ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों पर भी प्रकाश पड़ता है।