बोगोटा में आगामी चुनाव में वामपंथी उम्मीदवार सेपेडा फिलहाल मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन अबेलार्डो उनका पीछा कर रहे हैं। सेपेडा का लक्ष्य दक्षिणी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करना और मध्यवर्गीय मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाना है। पहले दौर में डे ला एस्प्रीला ने मध्यवर्गीय क्षेत्रों में जीत हासिल की थी, इसलिए इस वर्ग को आकर्षित करना सेपेडा के लिए महत्वपूर्ण है। चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि अबेलार्डो सेपेडा को कड़ी चुनौती दे रहे हैं और अंतिम परिणाम अप्रत्याशित हो सकता है। दोनों उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। यह चुनाव बोगोटा की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। इस दौड़ में दक्षिणी बोगोटा और मध्यवर्ग की निर्णायक भूमिका रहने की संभावना है।
