बोइंग द्वारा विकसित मानवरहित लड़ाकू विमान ‘MQ-28 घोस्ट बैट’ पहली बार अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रशांत क्षेत्र के एक बड़े बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में शामिल हुआ है। यह अभ्यास विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच सहयोग और समन्वय को बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। ‘MQ-28’ को जल्द ही तैनात किया जाने वाला है और इसे मानव पायलटों के साथ मिलकर काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस ड्रोन का उपयोग हवाई युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानव-मशीन सहयोग के एक नए युग की शुरुआत है। यह तैनाती भविष्य के युद्ध परिदृश्य को बदल सकती है, जिसमें मानव और स्वायत्त प्रणालियाँ मिलकर काम करेंगी। यह अभ्यास क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति और तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है।