शरीर की गंध पर शोध कर रहे एक वैज्ञानिक ने एक नए चलन को लेकर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि शरीर की गंध को छिपाने या बदलने के लिए कुछ उत्पादों का उपयोग करना अच्छा विचार नहीं है। वैज्ञानिक के अनुसार, ये उत्पाद शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कुछ डिओडोरेंट और एंटीपर्सपिरेंट के अत्यधिक उपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि शरीर की प्राकृतिक गंध को स्वीकार करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहतर है। यह नया चलन हानिकारक हो सकता है और लोगों को इसके बारे में जागरूक रहने की आवश्यकता है। वैज्ञानिक ने इस बात पर जोर दिया कि शरीर की गंध को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश करना प्राकृतिक नहीं है।