सियोल ने कोरिया और यूरोपीय संघ द्वारा जारी संयुक्त बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग की निंदा करने में कोई नवीनता नहीं है। राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह स्थिति पहले से ही ज्ञात थी और इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हाल ही में जारी बयान में, कोरिया और यूरोपीय संघ ने उत्तर कोरिया और रूस के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं। बयान में दोनों पक्षों ने इस सहयोग को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। सियोल का कहना है कि वह इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा। यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि कोरियाई सरकार इस सैन्य सहयोग से अवगत है और इसे गंभीरता से ले रही है, लेकिन इसे एक अप्रत्याशित घटना नहीं मानती।