नई खोजों के अनुसार, अल्जाइमर रोग के लक्षण प्रकट होने के कई साल पहले रक्त परीक्षणों से ही इसका पता लगाया जा सकता है। यह शोध अल्जाइमर रोग की शुरुआती पहचान और संभावित उपचार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों ने रक्त में कुछ विशिष्ट बायोमार्कर की पहचान की है जो रोग के प्रारंभिक चरणों में ही बदल जाते हैं। इस परीक्षण से उन लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जो अल्जाइमर के उच्च जोखिम में हैं, जिससे उन्हें निवारक उपाय करने या नैदानिक परीक्षणों में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। वर्तमान में, अल्जाइमर का निदान अक्सर लक्षणों के प्रकट होने के बाद ही किया जाता है, जब मस्तिष्क को काफी नुकसान हो चुका होता है। यह नया रक्त परीक्षण निदान प्रक्रिया को तेज और अधिक सटीक बना सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तकनीक को व्यापक रूप से उपलब्ध कराने से पहले और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।