वैज्ञानिकों ने डिमेंशिया के खतरे की पहचान करने के लिए एक नए रक्त परीक्षण की संभावना जताई है। यह परीक्षण महिलाओं में डिमेंशिया के शुरुआती लक्षणों से 25 साल पहले ही जोखिम का पता लगा सकता है। वर्तमान में, डिमेंशिया का निदान शुरुआती लक्षणों के प्रकट होने के बाद ही किया जाता है। यह नया शोध डिमेंशिया के खतरे वाले लोगों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे समय पर हस्तक्षेप और उपचार संभव हो सकेगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह परीक्षण महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है, क्योंकि डिमेंशिया का खतरा महिलाओं में अधिक होता है। यह रक्त परीक्षण डिमेंशिया के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
