यूक्रेन के एक सैनिक, जिसने युद्ध में अपनी दृष्टि खो दी, अब दूसरों को मिट्टी के बर्तन बनाने की कला सिखा रहा है। एजेंसी एपी के अनुसार, वह खुद भी अंधे सैनिकों को यह कला सिखाता है। युद्ध के कारण हुई क्षति के बाद, सैनिक की पत्नी ने भी उसे छोड़ दिया था। मिट्टी के बर्तन बनाने की प्रक्रिया में, वह स्पर्श के माध्यम से अपने आसपास के लोगों और दुनिया से जुड़ाव महसूस करता है। यह कला उसके लिए न केवल एक कौशल है, बल्कि एक थेरेपी भी है, जो उसे भावनात्मक रूप से मजबूत बनाती है। यह कहानी युद्ध के पीड़ितों के पुनर्वास और रचनात्मकता की शक्ति का एक उदाहरण है। मिट्टी के बर्तन बनाने से उसे नई पहचान और उद्देश्य मिला है।