बिशकेक की सिंचाई प्रणाली की हालत गंभीर है, जिसके लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यह जानकारी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के 'वायु गुणवत्ता सुधार' परियोजना की निदेशक गुलनारा अब्दिल्दाएवा ने 'बिरिन्ची रेडियो' में दी। वर्षों से उचित रखरखाव की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस जीर्ण-शीर्ण अवस्था के चलते, कृषि उत्पादन और जल वितरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को सुधारने के लिए तत्काल मरम्मत और नवीनीकरण कार्य की आवश्यकता है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में वायु गुणवत्ता में सुधार करना है, लेकिन सिंचाई प्रणाली की मरम्मत भी इसके अभिन्न अंग के रूप में देखी जा रही है। सरकार इस समस्या के समाधान हेतु निवेश और संसाधनों की व्यवस्था करने पर विचार कर रही है।

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