बिश्केक में 20 जून का दिन अब तक का सबसे गर्म दिन 2007 में दर्ज किया गया था। मौसम और जलवायु संबंधी जानकारी देने वाली वेबसाइट के अनुसार, उस दिन तापमान अपने उच्चतम स्तर पर था। इस वर्ष भी तापमान में वृद्धि हुई है, लेकिन 2007 के रिकॉर्ड को तोड़ने में सफल नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य एशिया में जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है। यह स्थिति भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है। स्थानीय मौसम विभाग नागरिकों को गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दे रहा है। तापमान में वृद्धि के कारण जल संसाधनों पर भी असर पड़ सकता है।
