सरकार ने 835,000 से अधिक पक्षियों को मारने के बाद 104 प्रभावित किसानों को मुआवज़ा दिया है। कुल 507 मिलियन रुपये का मुआवज़ा वितरित किया गया है। अधिकारी बताते हैं कि नए दावों के लिए अतिरिक्त 100 मिलियन रुपये की आवश्यकता हो सकती है। यह प्रकोप 162 पोल्ट्री फार्मों में फैल गया है, जिससे पोल्ट्री उद्योग को भारी नुकसान हुआ है। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए काम कर रही है। किसानों को उनकी आर्थिक हानि के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। अधिकारियों ने बीमारी की निगरानी और रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए हैं।