प्राचीन यूनान में केश-सज्जा केवल सौंदर्य का विषय नहीं थी, बल्कि यह व्यक्ति की सामाजिक स्थिति और शक्ति का महत्वपूर्ण सूचक थी। यह जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों और धार्मिक अनुष्ठानों से भी जुड़ी हुई थी। प्राचीन यूनानी लोग बालों को अत्यधिक महत्व देते थे और इसके लिए उन्होंने एक विशेष शब्द का प्रयोग किया था। केश-सज्जा के माध्यम से व्यक्ति की पहचान स्थापित होती थी और समाज में उसकी भूमिका निर्धारित होती थी। विभिन्न प्रकार की केश-सज्जाएं अलग-अलग सामाजिक वर्गों और अवसरों के लिए उपयुक्त मानी जाती थीं। यह प्रथा प्राचीन यूनानी संस्कृति का एक अभिन्न अंग थी, जो उनकी मान्यताओं और मूल्यों को दर्शाती थी।