बर्लिन शहर एक बड़े प्रयोग की तैयारी कर रहा है। वामपंथी दल की चुनाव योजना के अनुसार, जेलों का उपयोग केवल असाधारण मामलों में किया जाएगा। पुलिस की जगह सामाजिक कार्यों पर अधिक जोर दिया जाएगा और पहचान पत्र जाँचों को समाप्त कर दिया जाएगा। हालाँकि, वित्तीय नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वित्तपोषण के लिए दक्षिणी क्षेत्रों पर निर्भरता बनी रहेगी। यह कदम बर्लिन को एक अनोखी प्रयोगशाला बनाता है जहाँ सामाजिक और राजनीतिक प्रयोग किए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य अपराध को रोकने के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाना है, जो निवारक उपायों और सामाजिक समावेशन पर केंद्रित है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रयोग सफल होता है या नहीं।