बर्लिन में प्राइड परेड पर हमले के संदिग्ध, अब्दुल बलोट, की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। यह मुठभेड़ लगभग 24 घंटे की तलाश के बाद हुई। अधिकारियों का मानना है कि यह घटना एक इस्लामिक आतंकवादी हमला थी। बलोट, जिसकी उम्र 21 वर्ष थी, की मौत के साथ ही इस मामले में जांच जारी है। पुलिस ने संदिग्ध को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया था। इस हमले में कई लोग घायल हुए थे और इस घटना ने जर्मनी में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे इस हमले के पीछे की मंशा और संभावित सहयोगियों की जांच कर रहे हैं।