बर्लिन में हुए हमले के बाद, सीडीयू/सीएसयू (CDU/CSU) के कई राजनेता हिंसक इस्लामी आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने निगरानी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया है। चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ राजनीतिक नतीजों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के खिलाफ चेतावनी दी है। खुफिया एजेंसियों के सुधारों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक उन्हें पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। राजनेता बेहतर सुरक्षा उपायों और निगरानी तकनीकों की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं। यह घटना जर्मनी में सुरक्षा नीति पर बहस को तेज करने की संभावना है। सरकार को अब इस खतरे से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने की आवश्यकता है।