बर्गेन में एक नस्लवाद मामले में, हमसे अली को झूठी गवाही देने के आरोप में 45 दिनों की जेल की सजा सुनाई गई है। अली पर नस्लवादी हमले का शिकार होने का झूठा दावा करने का आरोप है। मामले की सुनवाई पहले जिला न्यायालय में हुई थी, जिसके बाद लागमैनसretten (अपीलीय न्यायालय) ने सजा बरकरार रखी। अब अली ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की है। यह मामला नस्लवाद और झूठी गवाही के आरोपों से जुड़ा है, और उच्चतम न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण होगा। इस मामले ने नॉर्वे में नस्लवाद और न्याय व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। अली का दावा है कि वह नस्लवादी हमले का शिकार हुआ था, जबकि अभियोजन पक्ष का कहना है कि उसने जानबूझकर झूठी गवाही दी।