नेतन्याहू की पूर्व पार्टी, ‘यामिना’ (अब ‘बिहाद’) गहरे संकट से जूझ रही है। हाल के चुनावों में पार्टी को भारी हार का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण पार्टी में उथल-पुथल मची हुई है। समाचार चैनल 13 के अनुसार, पार्टी के भीतर दो प्रमुख ‘विद्रोह’ हुए हैं, जिससे पार्टी की स्थिति और भी कमजोर हो गई है। ये संकट पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े कर रहे हैं और नेतन्याहू की वापसी की संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं। पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कई नेता पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इस स्थिति से इजरायली राजनीति में भी अस्थिरता आ सकती है। पार्टी नेतृत्व इस संकट को हल करने के लिए प्रयासरत है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।