इज़राइल के मंत्री बेन-ग्विर ने आगामी चुनावों से पहले एक विवादास्पद कदम उठाया है। उन्होंने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा निर्मित वीडियो जारी किया है, जिसमें एक भूखे फ़लस्तीनी व्यक्ति को दिखाया गया है। इस वीडियो को पोस्ट करने का उद्देश्य चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करना माना जा रहा है। विपक्षी दलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसकी कड़ी निंदा की है, और इसे घृणास्पद प्रचार बताया है। आलोचकों का कहना है कि यह वीडियो फ़लस्तीनियों के प्रति नकारात्मक धारणा को बढ़ावा देता है और संघर्ष को और बढ़ा सकता है। बेन-ग्विर के समर्थकों का तर्क है कि यह वीडियो वास्तविकता को दर्शाता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि एआई-जनित होने के कारण इसकी सटीकता संदिग्ध है। इस घटना ने एआई के दुरुपयोग और चुनावी राजनीति में इसके प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।