बेलारूस सरकार यूक्रेन का समर्थन करने के आरोप में विरोधियों को कड़ी सज़ा दे रही है। अब तक 200 से अधिक राजनीतिक कैदी जेल में बंद हैं। इन कैदियों में किशोर शामिल हैं जिन्होंने दीवारों पर नारा लिखा था, और वे रेल कर्मचारी भी हैं जिन्होंने रूसी सैनिकों की ट्रेनों को रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि विरोधियों को जानबूझकर शारीरिक क्षति पहुंचाई जा रही है, जिसमें घुटनों में गोली मारने जैसे मामले भी सामने आए हैं। बेलारूस में इन राजनीतिक कैदियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं, और कई को लंबी जेल की सज़ा या मृत्युदंड का सामना करना पड़ सकता है। मानवाधिकार संगठनों ने बेलारूस सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। यह कार्रवाई यूक्रेन युद्ध के प्रति बेलारूस के भीतर असंतोष को दबाने का प्रयास माना जा रहा है।