चीन ने जापान के उन संस्थानों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की सूची का विस्तार किया है, जिन पर बीजिंग का आरोप है कि वे टोक्यो के सैन्यीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है। चीन का मानना है कि ये जापानी संस्थाएं जापान की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में शामिल हैं। बीजिंग ने पहले भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए थे, और यह नवीनतम कार्रवाई उस नीति का हिस्सा है। जापान ने इन प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए इसे अनुचित बताया है। इस कार्रवाई से दोनों देशों के व्यापारिक और राजनयिक संबंधों पर और असर पड़ने की आशंका है। यह प्रतिबंध, चीन और जापान के बीच पहले से ही मौजूद भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।