दुनिया के एक तिहाई खाद्य उत्पादन में मधुमक्खियों का महत्वपूर्ण योगदान है। यदि ये परागणक विलुप्त हो गए, तो न केवल शहद का उत्पादन प्रभावित होगा, बल्कि खाद्य सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी। जलवायु परिवर्तन के कारण मधुमक्खियों की संख्या में भारी गिरावट आ रही है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। दक्षिण कोरियाई मधुमक्खी पालकों के उदाहरण से स्थिति की गंभीरता का पता चलता है। मधुमक्खियों के संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। यह संकट न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि मानव अस्तित्व के लिए भी खतरा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।