तुर्की के खिलाफ हालिया मुकाबले में पैट बीच के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें रातोंरात राष्ट्रीय हीरो बना दिया है। नियमित गोलकीपर मैट रयान को इस मैच में बेंच पर बैठना पड़ा। पूर्व गोलकीपर मार्क श्वार्जर ने इस स्थिति को दोनों तरफ से महसूस किया है - हीरो बनने और बेंच पर रहने का अनुभव उन्हें है। बीच की सफलता और रयान की निराशा, दोनों ही श्वार्जर को अपनी याद दिलाती हैं। यह घटनाक्रम ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल टीम में गोलकीपर की स्थिति को लेकर चर्चा छेड़ सकती है। श्वार्जर ने बताया कि इस तरह की परिस्थितियों से निपटना खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। यह देखना बाकी है कि आने वाले मैचों में टीम प्रबंधन गोलकीपर के रूप में किसे प्राथमिकता देती है।