डॉ. महामुडु बावुमिया, पूर्व उपराष्ट्रपति और नई देशभक्ति पार्टी (एनपीपी) के ध्वजावाहक ने घाना पुलिस सेवा और महान्यायवादी से एक विपक्षी कार्यकर्ता के खिलाफ चल रहे मुकदमे को रोकने का आग्रह किया है। यह मुकदमा कार्यकर्ता द्वारा बावुमिया के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने और झूठी जानकारी प्रकाशित करने के आरोप में दर्ज किया गया था। बावुमिया ने इस मामले को आगे बढ़ाने के खिलाफ अपनी चिंता व्यक्त की है, संभवतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिद्धांतों के आधार पर। उनका मानना है कि कार्यकर्ता पर मुकदमा चलाना उचित नहीं है। यह आग्रह राजनीतिक विश्लेषकों के बीच बहस का विषय है, कुछ इसे बावुमिया की उदारवादी छवि को प्रदर्शित करने के एक प्रयास के रूप में देखते हैं, जबकि अन्य इसे कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के रूप में देखते हैं। इस मामले का परिणाम घाना में राजनीतिक भाषण और कानूनी सीमाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।