बवेरिया के मुख्यमंत्री और सीएसयू के अध्यक्ष मार्कस सोडर ने नागरिक सहायता राशि (Bürgergeld) में कटौती करने और भुगतान कार्ड कानून लागू करने का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि इससे सहायता राशि का दुरुपयोग कम होगा और प्राप्तकर्ताओं को अधिक जिम्मेदारी से खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सोडर का कहना है कि वर्तमान प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सहायता केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। इस प्रस्ताव पर राजनीतिक स्तर पर बहस छिड़ गई है, कुछ दलों ने इसका समर्थन किया है जबकि अन्य ने इसकी आलोचना की है। आलोचकों का तर्क है कि इससे गरीबों और कमजोरों को नुकसान होगा। सोडर के इस कदम को आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया माना जा रहा है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर नागरिक सहायता राशि प्राप्त करने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
