जर्मनी के ऊपरी पफाल्ज़ क्षेत्र के एक कृषि व्यवसाय ने चेक गणराज्य में मिसकैन्थस की खेती शुरू की है। यह बारहमासी पौधा लगातार 30 वर्षों तक नियमित रूप से कटाई के लिए उपयुक्त रहता है। इस 'हाथी घास' से विभिन्न उत्पाद बनाए जाते हैं, जिनमें पेलेट और पशु बिस्तर शामिल हैं। पहले इस पौधे को बेकार माना जाता था, और इस पर लोग हँसते थे, लेकिन अब यह परिवार इसे एक सफल व्यवसाय में बदलने में कामयाब रहा है। यह टिकाऊ कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विकास का एक उदाहरण है। मिसकैन्थस की खेती पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय का एक स्थिर स्रोत भी प्रदान करती है। यह पहल क्षेत्र में नई कृषि संभावनाओं को जन्म दे सकती है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文