बार्बेल बास, मर्ज़ सरकार में एक महत्वपूर्ण नेता थीं, उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने यूनियनों पर कई आरोप लगाए हैं। अब यह देखना होगा कि उनके उत्तराधिकारी अलेक्जेंडर श्वित्ज़र के नेतृत्व में सुधारों का क्या होगा। बास के इस्तीफे से सरकार में एक महत्वपूर्ण पद खाली हो गया है। उनके आरोपों से सरकार में खलबली मच गई है। अलेक्जेंडर श्वित्ज़र के सामने अब सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाने की चुनौती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे बास द्वारा शुरू किए गए सुधारों को जारी रखते हैं या नहीं।