“मीडियापार्ट” द्वारा प्रस्तुत सबूतों के बावजूद, राष्ट्रीय रैली अपने अध्यक्ष के पीछे एकजुट है, इस उम्मीद में कि यह तूफान थम जाएगा। इस कदम से जॉर्डन बार्डेला की बदनामी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मरीन ले पेन को भी प्रभावित कर सकती है। पार्टी फिलहाल बार्डेला का बचाव करने पर टिकी हुई है, भले ही इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचे। यह स्थिति राष्ट्रीय रैली के लिए एक कठिन परिस्थिति उत्पन्न कर सकती है, क्योंकि बार्डेला के लेखन से पार्टी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं। इस विवाद से मरीन ले पेन की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी भी खतरे में पड़ सकती है। पार्टी की रणनीति यह देखने पर निर्भर करेगी कि जनता इस मुद्दे पर कैसी प्रतिक्रिया देती है और क्या यह मामला और बढ़ सकता है। फिलहाल, राष्ट्रीय रैली बार्डेला का समर्थन करने और आरोपों को कम करने की कोशिश कर रही है।