बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पिछले दशक में बढ़ते सरकारी ऋण पर निर्भर रही है। विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के निर्माण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, सब्सिडी और परिचालन खर्चों को पूरा करने के लिए सरकार को लगातार नए ऋण लेने पड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऋण की यह वृद्धि अर्थव्यवस्था के लिए सामान्य है या नहीं, यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। वित्त मंत्रालय के नवीनतम मध्यम अवधि के बजट में ऋण के बढ़ते बोझ को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। ऋण की इस वृद्धि से भविष्य में आर्थिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ऋण प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को कम किया जा सके। यह स्थिति बांग्लादेश के बजट और दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए एक चुनौती प्रस्तुत करती है।