प्रधानमंत्री तारेक रहमान ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए देश के प्रति उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रवासी होने के नाते, देश के प्रति उनकी कुछ अपेक्षाएं हो सकती हैं, लेकिन साथ ही देश के विकास में योगदान देना भी उनका कर्तव्य है। प्रधानमंत्री ने सभी से मिलकर देश के लिए कुछ करने के बारे में सोचने का आग्रह किया। यह संबोधन प्रवासी भारतीयों को देश के विकास प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से था। प्रधानमंत्री ने देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को प्रबल करने की बात कही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रवासी भारतीय अपनी क्षमताओं और संसाधनों से देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह आह्वान प्रवासी समुदाय को एक नई दिशा देने और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास है।