संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश ने रोहिंग्या संकट के समाधान के लिए म्यांमार में उनकी शीघ्र वापसी पर फिर से बल दिया है। बांग्लादेश ने कहा कि लगभग एक दशक से बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थियों को शरण देना दीर्घकाल में टिकाऊ नहीं है। रोहिंग्या भी अपनी मातृभूमि लौटने के इच्छुक हैं। यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासचिव के म्यांमार विशेष दूत को संबोधित करते हुए दिया गया। बांग्लादेश ने इस बात पर ज़ोर दिया कि रोहिंग्या संकट का एकमात्र स्थायी समाधान म्यांमार में उनका त्वरित और सम्मानजनक प्रत्यावर्तन है। देश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया है। यह मुद्दा क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय चिंताओं से भी जुड़ा हुआ है।
