जनता की उम्मीदें बहुत अधिक थीं, क्योंकि यह निर्वाचित सरकार द्वारा प्रस्तुत पहला बजट है, जो लंबे समय तक चले सत्तावाद के बाद आया है। 11 जून को राष्ट्रीय संसद में वित्त मंत्री ने 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 9 लाख 38 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह पिछले वित्तीय वर्ष के बजट से 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये अधिक है। यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। बजट में आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे में सुधार और रोजगार सृजन करना है। यह बजट वेस्टमिंस्टर मॉडल को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इसे कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है। बजट पर विभिन्न राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं।
