मुख्य सचेतक ने बताया कि अवैध धन के दबाव को कम करने के लिए डॉलर की कीमत 82 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये की गई थी। एक ही दिन में डॉलर की कीमत में 7 रुपये की वृद्धि हुई थी। यह कदम देश की नाजुक आर्थिक स्थिति को सुधारने और वित्तीय स्थिरता लाने के उद्देश्य से उठाया गया था। सरकार का लक्ष्य है कि बजट के माध्यम से आर्थिक चुनौतियों का सामना किया जा सके। इस वृद्धि के कारण आयात और निर्यात पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे बाजार में कुछ अस्थिरता आ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यह अल्पकालिक उपाय है और दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस बदलाव से राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिसका उपयोग विकास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।