सरकार ने ऑनलाइन सेमिनार और कार्यशालाओं के लिए नई मानदेय दरें तय की हैं, जो ज़ूम जैसे प्लेटफार्मों पर आयोजित की जाती हैं। यह निर्णय सेमिनारों और कार्यशालाओं में वक्ताओं और आयोजकों को दिए जाने वाले भुगतान को मानकीकृत करने के उद्देश्य से लिया गया है। पहले, मानदेय दरें अलग-अलग थीं और स्पष्ट दिशानिर्देशों का अभाव था। नई दरों से पारदर्शिता और एकरूपता आने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम डिजिटल माध्यमों से होने वाले शैक्षणिक और व्यावसायिक आयोजनों को बढ़ावा देने में सहायक होगा। इन दरों का निर्धारण विभिन्न कारकों जैसे सेमिनार की अवधि, प्रतिभागियों की संख्या और वक्ता के स्तर को ध्यान में रखकर किया गया है। विस्तृत जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।