बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के उत्तराधिकारी, शेख़ रहमान ने अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत की बजाय मलेशिया और चीन को प्राथमिकता दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय किसी तरह की उपेक्षा नहीं, बल्कि व्यावहारिक कारणों से लिया गया है। माना जा रहा है कि मलेशिया और चीन के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह कदम बांग्लादेश की विदेश नीति में एक बदलाव का संकेत दे सकता है, जहाँ आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, यह भारत के साथ संबंधों में किसी तरह की खटास को नहीं दर्शाता है। यह दौरा क्षेत्रीय संबंधों और बांग्लादेश की विदेश नीति की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भविष्य में भारत के साथ संबंधों को लेकर अभी भी स्पष्टता का इंतजार है।