वित्त मंत्री अमीर खसरु महमूद चौधरी ने संसद में बताया कि 2026-27 वित्तीय वर्ष तक किराना दुकानों सहित विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों को वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) के दायरे में लाने की योजना है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। इस कदम का उद्देश्य कर आधार को व्यापक बनाना और राजस्व संग्रह में वृद्धि करना है। सरकार का मानना है कि इससे कर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता आएगी। फिलहाल, कई छोटे व्यवसाय कर के दायरे से बाहर हैं। नए नियमों के लागू होने से इन व्यवसायों को भी कर चुकाना होगा। सरकार इस योजना के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक तैयारी कर रही है। यह बदलाव छोटे व्यापारियों पर क्या प्रभाव डालेगा, इस पर भी विचार किया जा रहा है।
