प्रधान न्यायाधीश द्वारा गठित एक विशेष हाईकोर्ट बेंच ने महिला एवं बाल उत्पीड़न दमन कानून के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है। न्यायमूर्ति ভীষ্মদেব চক্রবর্তী और न्यायमूर्ति কে এম राशेदुজ্জামান राजा की बेंच ने रविवार (14 जून) से यह कार्य शुरू किया। अटॉर्नी जनरल मो. रुहुल कुद्दस काज़ल ने इस जानकारी की पुष्टि की। यह बेंच विशेष रूप से मृत्युदंड से संबंधित मामलों (डेथ रेफरेंस) पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसका उद्देश्य इन संवेदनशील मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करना है। इस कदम से महिला एवं बाल उत्पीड़न के मामलों के पीड़ितों को त्वरित राहत मिलने की उम्मीद है। बेंच प्राथमिकता के आधार पर मामलों की सुनवाई करेगी और जल्द से जल्द निर्णय देने का प्रयास करेगी।
