बांग्लादेश बैंक ने आज इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इस घोषणा के अनुसार, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण चूककर्ताओं को 15 वर्षों में अपने ऋण चुकाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, एक हजार करोड़ रुपये से कम के ऋण वाले उधारकर्ताओं को यह सुविधा नहीं मिलेगी। यह कदम बैंकों के बढ़ते गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को कम करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इस रियायत से ऋणधारकों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह लगातार ऋण चूक को प्रोत्साहित करेगा। अधिसूचना में ऋण पुनर्गठन की शर्तों और प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। सरकार और बांग्लादेश बैंक इस मुद्दे पर बारीकी से नजर रखेंगे।