खोकन ने ५०० और १००० रुपये के नोटों को अस्थायी रूप से बंद करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य काले धन पर लगाम कसना और वित्तीय प्रणाली को मजबूत करना बताया जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव के कार्यान्वयन की समय-सीमा और विस्तृत योजना अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से बाजार में कुछ समय के लिए तरलता की समस्या आ सकती है। खोकन का कहना है कि यह कदम देश की अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद होगा। इस प्रस्ताव पर आगे विचार किया जाएगा और सभी हितधारकों से राय ली जाएगी। सरकार इस मामले में जल्द ही निर्णय ले सकती है।